लखनऊ कोर्ट में दिनदहाड़े कुख्यात बदमाश की हत्या

फाइल फोटो

माफिया मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) के करीबी वेस्ट यूपी के कुख्यात संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा (Gangster Sanjeev Maheshwari) की बुधवार को लखनऊ कोर्ट रूम में हत्या कर दी गई। 

संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा और हत्यारा


हमलावर वकील के भेष में आया था। लखनऊ जेल में बंद संजीव उर्फ जीवा को पेशी के लिए कोर्ट लाया गया था। दोपहर के करीब तीन बजकर 50 मिनट हुए थे, इसी दौरान एससी-एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश की अदालत के बाहर हमलावर ने जीवा पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं।

मुख्तार अंसारी का करीबी


जीवा कोर्ट के गेट पर ही गिर पड़ा। हमलावर की फायरिंग में जीवा के अलावा बच्ची लक्ष्मी और कांस्टेबल लाल मोहम्मद जख्मी हो गए। तीनों को बलरामपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जीवा को मृत घोषित कर दिया। उसे छह गोलियां मारी गई थीं। वहीं, बच्ची की हालत गंभीर है। उसे ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है। हमलावर पकड़ लिया गया है। उसकी पहचान विजय यादव के रूप में हुई है और वह जौनपुर के केराकत का रहने वाला है।

संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा 


मूलरूप से मुजफ्फरनगर के शाहपुर के आदमपुर गांव के रहने वाले जीवा का नाम बीजेपी सरकार में उर्जा मंत्री रहे ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या के बाद चर्चा में आया था। 10 जनवरी 1997 में फर्रुखाबाद में सिटी कोतवाली क्षेत्र में तिलक समारोह के दौरान ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी। जांच में तत्कालीन सपा विधायक विजय सिंह और संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा का नाम सामने आया था। दोनों को ही इस मामले में उम्रकैद की सजा हो चुकी है।

जीवा ने हरिद्वार के ज्वालापुर निवासी नाजिम के साथ रहकर अपराध की दुनिया में क़दम बढ़ाए। यह गैंग हरिद्वार, सहारनपुर, मुजफ्फर नगर में अपहरण, डकैती, हत्या और लूट जैसे अपराध करता था। बाद में जीवा पूर्वांचल के बाहुबली माफिया मुख्तार अंसारी के संपर्क में आ गया। वर्ष 2005 में गाजीपुर के भांवरकोल में हुई बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या में भी जीवा का नाम सामने आया। मामले की जांच सीबीआई ने की, लेकिन गवाहों के मुकरने और साक्ष्यों के अभाव में मुख्तार के साथ जीवा और अन्य आरोपित भी इस हत्याकांड से बरी हो गए।

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